102 नॉट आउट मूवी रिव्यू.. वृध्द समाज के लिये अच्छी सीख है 102 नॉट आउट

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फिल्म : 102 नॉट आउट

निर्माता : भूषण कुमार, किशन कुमार 

निर्देशक : उमेश शुक्ला

कलाकार : अमिताभ बच्चन, ऋषि कपूर, जिमित त्रिवेदी

फिल्म समीक्षा  : आरती सक्सेना , एडिटर अमित बच्चन 

रेटिंग (4/5)

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कहानी … फिल्म की कहानी दो बुढो के साथ शूरू होती है जिसमे से एक बुड्ढा 102 साल का है और दुसरा बुड्ढा 75 साल का है। ये दोनो बुढे बाप बेटे हैं 75 साल का बुड्ढा बाबूलाल बखारिया ऋषि कपूर जंहा जीवन से निराश और जिंदगी को बेाझ समझ कर जीने वाला निराश बुड्ढा है वही 102 साल का बुड्ढा दत्तात्रेय बखारिया पूरी तरह जिदंगी जीने वाला आशावादी इंसान है। किन्ही कारणो से दत्तात्रेय अपने बेटे के सामने उसको बदलने के उददेश्य से कुछ शर्तै रख देता है जिसे अगर उसके बेटे ने ना माना तो उसको वध्दाश्रम भेज दिया जायेगा इस धमकी के साथ । दत्रातेय अपने बेटे को क्यो बदलना चाहता है अपने बेटे को आशावादी बनाने के लिये और उसकेा सुधारने के लिये दत्तात्रेय क्या शर्ते रखता हैं? इन सभी जवाब को पाने के लिये आपको 102 नाॅट आउट देखने थिेयेटर तक जाना हेागा ।

डायरेक्शन … फिल्म का डायरेक्शन उमेश शुक्ला ने किया है जो कि बहुत अच्छा और बेहतरीन है। देा बुढो पर सीधी सादी फिल्म बनाने के बावजूद डायरैक्टर उमेश शुक्ला ने दर्शको को कही बोर नही होने दिया है बल्कि दोनो बुढो की हरकते मनोरंजन से भर पूर है। फिल्म मे ना कही नाच गाना है ना ढेर सारे किरदार है बावजूद इसके फिल्म कब शुरू हेाती है और कब खत्म हो जाती है पता ही नही चलता। डायरैक्शन की सबसे बड़ी खासियत यही है कि कही भी जबरदस्ती कोई सीन ठुसा हुआ नही लगता । पूरी फिल्म टु दी प्वाइंट हैं।

अभिनय …अभिनय की बात करे तो अमिताभ बच्चन ने जंहा एक बार फिर सबकेा अपने अभिनय से मेाहित कर लिया। और नई चीज पेश करके ये साबित कर दिया कि क्यो वो महानायक के नाम से जाने जाते हैं। अमिताभ बच्चन के बारे मे कुछ कहना सूरज को रोशनी दिखाने जैसा है। और अब दुसरे बुड्ढा ऋषि कपूर की बात करे तो वह 75 वर्ष के बुढे के किरदार मे बहुत ही क्यूट नजर आये है। जेसा कि कहा जाता है कि बुढापे मे इंसान बचपने की तरफ लोैटने लगता है । ऐसे ही कुछ ऋषि कपूर बुढे के किरदार मे नजर आये है। उन्होने भी अपना किरदार बखुबी निभाया है। अमितजी और ऋषि कपूर की जोडी बहुत ही अच्छी लगी है और इन दोनो के बीच तीसरी कड़ी जोड़ने वाले एक्टर जिमित त्रिवेदी ने भी अपना किरदार बखुबी निभाया है। पूरी फिल्म इन तीन लोगो पर ही धूमती है फिर भी इन तीन महान कलाकारो ने कही भी दर्शको केा बोर नही हेाने दिया।

संगीत … सलीम सुलेमान और बेकग्राउंड म्यूजिक जार्ज जोसफ का है जो ठीक ठाक हैं और फिल्म की कहानी के मुताबिक है।

फिल्म की खासियत … 102 नाॅट आउट फिल्म सिर्फ मनोरंजन से ही भरपूर नही है बल्कि इस फिल्म के जरिये ऐसे लोगो को सबक देने की केाशिश की गई जो एक उम्र के बाद मोैत का इंतजार करते हुए निराशा मे जिंदगी बिताने लगते है। और ऐसे लोगो से आस लगाते है। जो उनके लिये नही सोचते। अमिताभ बच्चन के किरदार के जरिये जिंदगी को पूरी तरह जीने की शिक्षा दी गई हैं फिर चाहे उम्र 102 ही क्यो ना हो। साथ ही ये भी बताया गया है कि उम्र कोई भी हो अगर दिल जवान है तो सब कुछ अच्छा है। वर्ना सारा सुख बेकार है। डायरेक्टर ने अपनी बात जिस तरह सीधे सादे ढंग से की है वो काबिले तारीफ है।

 

 




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