मूवी रिव्यू – शेयर मार्केट की हकीकत और दाव पेच को दर्शाती है सैफ अली खान की बाजार

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मूवी रिव्यू     :          बाजार  

निर्माता        :          निखिल आडवाणी वायकाम 18 मोशन पिक्र्चस

निर्देशक      :          गौरव के चावला

कलाकार     :          सैफ अली खान , चित्रांगदा सिंह , राधिका आपटे और नवोदित रोहन  मेहरा

जाॅनर          :          सस्पेंस थ्रीलर ड्रामा

रेटिंग :                  स्टार (3.5/5)

फिल्म समीक्षा  :   आरती सक्सेना , एडिटर अमित बच्चन

बालीवुड मे आज कल पब्लिक डिमांड  को ध्यान मे रखते हुए अच्छी कहानियो  का और टेलेन्टेड निर्देशको का दौर चल निकला है जिसका श्रेय जाता है छेाटे बजट की उन फिल्मो  को जिनका मकसद पब्लिसिटी या बड़े नाम के जरिये सफलता पाना नही बल्कि अच्छी कहानी टाइट स्क्रिन प्ले और सशक्त निर्देशन के दम पर फिलमो को सफलता के मुकाम पर ले जाना है। फिर उसके बाद इससे कोई फर्क नही पड़ता फिल्म का हीरो नामचीन हीरो है या एक काबिल एक्टर ।क्योंकि इन छोटे बजट की फिल्मो  का असल हीरो है फिल्म की कहानी और परफैक्ट फिल्म मेकिंग । हाल ही प्रदर्शित स्त्री अंधाधुन और बधाई हो इस बात का जीता जागता उदाहरण हैं । इसी श्रृंखला  मे शामिल हुई है एक और फिल्म जिसका नाम है बाजार । बाजार फिल्म की कहानी भी लीक से हटकर है जो कि शेयर मार्केट के बिजनेस पर आधारित है। शेयर मार्केट एक ऐसी जगह है जंहा पैसा तो बहुत है लेकिन उसके लिये जिसे शेयर मार्केट के दांव पेच पता है । जिनको पता है कि शेयर मार्केट का असल खेल क्या है। सैफ अली खान इस फिल्म मे शेयर मार्केट के ऐसे ही एक किंग बने हैं जो प्रसिध्द शेयर मार्केट के खिलाड़ी हरषद मेहता की याद दिलाते हैं। शेयर मार्केट का एक सच ये भी है कि यंहा पर जितनी जल्दी एक बिजनेस मैने टाप पर पहुचता है उतनी ही जल्दी जरा सी चूक से मरने तक के लिये तैयार हो जाता है। अर्थात आत्महत्या करने के लिये मजबूर हो जाता है। ऐसे ही कई सच रहस्य और संसपैस इस फिल्म बाजार मे बहुत ही खुबसूरती से दर्शाये गये हेैं।

कहानी—– फिल्म बाजार की कहानी शेयर मार्केट के खरीददार और शेयर मार्केट के किंग शकुन कोठारी सैफ अली खान की जिंदगी से शुरू हेाती है जो कि बचपन से ही इस बिजनेस मे अपना दिमाग लगा कर आज एक सफल शेयर मार्केट किंग की पेाजीशन पर हैं। शकून पैसा कमाने के लिये किसी भी हद तक जा सकते हेैं। इसी शकुन को खुदा मानते हैं इलाहाबाद मे रहने वाले छोटे से शेयर ब्रेाकर रिजवान अहमद  रोहन मेहरा । रिजवान का सपना है कि वो मुंबई  आकर ना सिर्फ अपने गाॅड फादर से मिले बल्कि वो उनकी तरह एक सफल शेयर मार्केट किंग भी बने । क्योंकि रिजवान भी शेयर मार्केट मे उतना ही तेज दिमाग रखते हैं जितना की शकून रखते हैें। अपना सपना पूरा करने रिजवान मुंबई चला आता है और उसका सपना सच होने मे मदद करती है उसी शेयर मार्कैट मे काम करने वाली प्रिया राधिका आपटै । असल जिंदगी मे शकून एक परिवारिक आदमी है और उनकी पतनी चित्रागंदा सेन ओर देा बेटिया है । शेयर मार्केट के गिरते उठते भाव की तरह फिल्म की कहानी मे भी काफी सारे उतार चढाव आते हैं जिसमे कई लोगो के रहस्य खुलते हैं और कहानी मे कई नये मोड़ आते हेैं बाजार मे ऐसा कया क्या हेाता है देखने के लिये आपको थिेयेटर तक जाना होगा । तभी बाजार का असल भाव सामने आयेगा ।

अभिनय—- अभिनय की अगर बात करे तो शकून के किरदार मे सैफ अली खान ने अपना किरदार अच्छे से निभाया है। लेकिन वो अपने किरदार मे गुजराती कम रायॅल टच देने वाले नवाब जयादा नजर आते हैं। अलबत्ता उनके अभिनय मे आज भी वही पकड़ है जो पहले से दिखती आ रही हैं रिजवान के किरदार मे एक नये चेहरे ने बालीवुड मे एंटी की हैं जिसका नाम है  रोहन मेहरा । रोहन  मेहरा प्रसिध्द एक्टर स्व विनोद मेहरा के सुपूत्र है । रोहन  के चेहरे पर अपने पिता की झलक साफ नजर आती हैं रिजवान के किरदार मे रेाहन ने पहली फिल्म के हिसाब से बहुत ही अच्छा काम किया है। फिल्म  की नायिकाए राधिका आपटे और चित्रांगदा सिंह भी अपने अपने किरदार मे फिट नजर आयी हैं।

डायरेक्शन —  बाजार का डायेरक्शन गौरव चावला ने किया है। जिन्होने डायरैक्शन मे कोई कसर नही छोडी है। फिल्म की कहानी के मुताबिक फिल्म का डायरेक्शन सही तरीके से अंजाम दिया गया हेै। कही भी कुछ भी जबरदस्ती ठुसा हुआ नही लगता । डायरेक्टर गौरव ने अपना काम बखुबी किया है।

संगीत — फिल्म का संगीत भी अच्छा बन पड़ा है। फिलम के मूड के हिसाब से एक दम सही तरीके से प्रस्तुत किया गया है। बाजार मे हनी सिंहके गाने मे सुनने केा मिलेगे जो कर्णप्रिय हैं।

फिल्म देखे कि ना देखे—– सैफ अली खान और रेाहन मेहरा अभिनीत बाजार फिल्म दर्शको केा जरूर देखनी चाहिये । इसकी वजह ये है कि बाजार की कहानी मे नया पन है। साथ ही ये ऐसे लोगो के लिये एक सबक है जो नाम शेाहरत और पैसा कमाने के लिये कुछ भी कर गुजरने को तैयार हो जाते है।और एक झटके मे आसमान केा छूने के चक्कर मे धड़ाम से जमीन पर गिर जाते हैं। बाजार एक सबक देने वाली मनोंरजक फिल्म है जो वन टाइम वाच तो है ही ।

 




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