मूवी रिव्यू , यर्थात को दर्शाती इरादा …..

irada 17रिव्यू आरती सक्सेना, एडिटर अमित बच्चन

मूवी रिव्यू  : यर्थात को दर्शाती इरादा …..

जोनर: केमिकल ड्रामा

निर्माता: फाल्गुनी पटेल प्रिस सोनी

निर्देशक : अर्पणा सिंह

कलाकार:  नसीररूददीन शाह , अरशद वारसी, दिव्या दत्ता, सागरिका धाटगे ,शरद केलकर ,

संगीत: नीरज श्रीधर

रेटिंग : (2.5/5)

जब अगर किसी फिलम मे बात नसीररूददीन शाह की आती है तो दर्शक निश्चित ही सोचते हैं कि फिल्म मे जरूर कुछ खास होगा । उसके साथ ही अगर नसीर के साथ अरशद वारसी दिव्या दत्ता जैसे कलाकार हो तो फिल्म से उम्मीद कुछ ज्यादा ही बढ जाती है। ऐसा ही कुछ फिल्म इरादा के लिये भी कहा जा सकता है । जिसकी कहानी एक जहरीली केमिकल फैक्टरी और कैंसर जैसी भयानक बिमारी के इर्द गिर्द धुमती है। कहानी रियेल्टी के काफी करीब है क्योकि आज जिस तरह से कैसर की बिमारी तेजी से बढ रही है उस से इस फिल्म की कहानी काफी हद तक यर्थात तक खींच कर ले जाती है। इसकी वजह यही बताया जाता है कि खादय पर्दाथ मे आज कल तेजी से केमिकलस का इस्तेमाल हो रहा है ।

कहानी …… फिल्म की कहानी एक केमिकल कंपनी के साथ शुरू होती है। जंहा पर जहरीली गैस का पानी रिर्वस बोरिंग के जरिये जमीन के काफी नीचे तक छोड़ा जाता है। जिसकी वजह से पानी मे जहरीले रसायन मिल जाते हैं और इस पानी केा पीने की वजह से लोगो मे कैंसर की बिमारी पेैदा होने लगती है कैंसर जैसी भयानक बिमारी का शिकार रिटार्यड आर्मी आफिसर परबजीत वालिया नसीररूददीन शाह की बेटी रिया रूमान मोल्ला भी हो जाती है। इसके बाद अचानक एक दिन इस कैमिकल कंपनी मे जोरदार आग लग जाती है और ये आग कैसे लगी किसने लगाई इसके इन्वेस्टिगेशन के लिये इंटेलिजेट आफिसर अरशद वारसी को भेजा जाता है ।जांच के दौरान आफिसर को कई सारे चैकाने वाले राज पता चलते है। पूरी कहानी इसी प्लाट के इर्द गिर्द धूमती है ।

डायरेक्शन … इरादा की कहानी काफी उलझी हुई है उस हिसाब से अर्पणा सिंह का डायरेक्शन औसत दर्जे का है । जिसकी वजह से कहानी कही कही पर इतनी उलझी नजर आती है कि समझ ही नही आता कहानी मे क्या चल रहा है। इरादा की कहानी केा इसी ट्रेैंड के साथ आगे बढाने के लिय डायरेक्टर ने कंपनी मालिक के रूप मे शरद केलकर चीफ मिनिस्टर के रूप मे शरद केलकर और जर्नलिस्ट के रूप मे सागरिका धाटगे को लिया है। इन तीनो ही किरदार ने अपने अपने तरफ से बेहतरीन अभिनय का प्रदर्शन किया है बावजूद इसके कहानी असर नही छोड़ती । साथ ही फिल्म के संवाद भी कही कही अश्लीलता  झलकाते हैं खास तौर पर जो संवाद दिव्या दत्ता की तरफ से बोले गये हैं।

अभिनय …अभिनय की बात करे तो नसीररूददीन शाह और अरशद वारसी ने अपना किरदार बेहतरीन तरीके से निभाया है । बाकी कलाकार शरद केलकर दिव्या दत्ता और सागरिका धाटगे ठीक ठाक रहे हैं।

संगीत … फिल्म का संगीत एवरेज है।

इरादा क्यो देखे और क्यो ना देखे .… फिल्म की कहानी लीक से हट कर है । अरशद वारसी और नसीररूददीन शाह के फैन इस फिल्म को देख सकते है ।




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