मूवी रिव्यू : गोविंदा टाइप हास्य धमाल मस्ती से भरपूर है फ्राइडे

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मूवी रिव्यू  :       गोविंदा टाइप हास्य धमाल मस्ती से भरपूर है फ्राइडे 

मूवी          :        फ्राइडे

निर्देशक   :        अभिषेक डोगरा

संगीत      :         फे्रकफ्रिज पैटिक साइमन फ्र्रगलेन

कलाकार  :      गोविंदा , वरूण शर्मा, दिगांगना सूर्य वंशी , संजय मिश्रा

जाॅनर        :       कामेडी मेलोडियस ड्रामा

रेटिंग        :       स्टार (3.5/5)

समीक्षा     :        आरती सक्सेना , एडिटर अमित बच्चन

गोविंदा हमेशा से ही अपने खास अंदाज के लिये जाने जाते रहे हैं । जो कि आपको एक बार इस फिलम फ्राइडे मे फिर से नजर आयेगा । इस फिल्म मे गोविंदा महा चालू और नौटंकी टाइप के पति के रूप मे नजर आये  है जो रोमांटिक शॉट भी देता है तो उसमे भी कामेडी नजर आती है। गोविंदा अपने इसी अंदाज के चलते एक समय मे हीरेा नंबर वन रहे हैं। फ्राइडे मे आपको गोविंदा का वही अंदाज नजर आयेगा । बशर्ते आप अपना दिमाग धर पर ही रख कर आये ।और फिल्म देखते वक्त ज्यादा सोचे ना ।बस गोविदा की कामेडी और मस्ती को एन्जाॅय करे ।

कहानी —- फिल्म की कहानी दिल्ली के सेल्समैन राजीव छाबडा अर्थात वरूण शर्मा के साथ शुरू होती है जो प्योरी फाई वाटर की मशीने धर मे फिट करने का सेल्समैन हैं। जिसकी मुलाकात थियेटर आर्टिस्ट गगन कपूर गोविंदा से हेाती है। जो कि अपने ही धर मे शादीशुदा हेाने के बावजूद गर्लफेै्रड बिदू दिवांगना के साथ पत्नी की गैरहाजिरी मे रोमांस कर रहा हेाता है उसी नाजुक मोेके पर राजीव वंहा पर प्योरी फाई की मशीन लेकर आज जाता है और गोविदा अपने नाटकीय अंदाज मे पूरी कहानी को गोलमाल कर के उलझा देता है। ओर इसी तरह कहानी नये नये कामेडी टच वाले सीन के साथ आगे बढती है। जिसके तहत गोविदा अपने आप को बचाने के लिये एक के बाद एक झूठ बोलते नजर आते हैं जो कि हास्य का रूप लेता जाता है। और इसी तरह गोविदा की फिलम फ्राइडे की टाइम पास कहानी आगे बढती है।

अभिनय—-  फ्राइडे मे गोविंदा ने मनेारंजक अभिनय किया है इस फिल्म मे उनके पुराने स्टाइल की छाप नजर आती है जो मस्ती से भरपूर है। सेल्समेन राजीव के रूप मे वरूण शर्मा काफी भेाल भाले नजर आये हैं जो दिल्ली और दिल्ली वालो की चालाकियो का शिकार हेाता रहता है जो कि राजीव को बेवकुफ बना कर अपना फायदा करने का एक भी मौका नही छोडते हें । फिलम के बाकी किरदार भी कहानी के साथ न्याय करते नजर आये हैं।

डायरेक्शन —- डायरेक्टर अभिषेक डोगरा ने अपने निर्देशन के तहत डेविड धवन स्टाइल फिल्म की झलक दिखाई है। पूरी फिल्म मे डायरेक्टर ने फिल्म को बांधे रखा है।और कई सारे कामेडी पंचस भी डाले हैं जो मनोरंजक से भरपूर है।

संगीत  —- फिल्म का संगीत भी अच्छा बन पड़ा है। 

फिल्म देखे कि ना देखे —- गोविंदा के फैन्स और कामेडी फिल्मे पंसद करने वाले दर्शको के लिये फ्राइडे एक नायाब तोहफा है जो एक बार तो निश्चित ही देखने लायक है।




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