कहानी २ फिल्म रिव्यू

kahani2फिंल्म समीझा कहानी २ सस्पेंश ड्रामा और कहानी से भरपूर है ..

रेटिंग  (3.5/5)

स्टार कास्ट .. विद्या बालन ,अर्जुन रामपाल ,जुगल हंसराज

निर्माता निर्देशक .. सुजाय घोष

फिल्म रिव्यू आरती सक्सेना मुम्बई

कहानी २… फिल्म की कहानी विद्या सिन्हा ( विद्या बालन) नामक औरत के एक्सीडेंट से शुरू होती है  जिसको किसी का फोन आता है की उसकी बच्ची को किडनेप कर लिया गया है लिहाजा विद्या सिन्हा जब अपनी बच्ची को बचाने के लिए सड़क पर दौड़ती है तो एक कार उसको ठोकर मार के उड़ा देती है और विद्या सिन्हा कोमा में चली जाती है I विद्या के अस्पताल मे रहते ही इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंग अर्जुन रामपाल की एंट्री होती है जो विद्या सिन्हा के घर से खोज बीन के दौरान एक डायरी और पासपोर्ट पाया है , जिसमे विद्या सिन्हा का नाम दुर्गा रानी सिंह लिखा होता है , दुर्गा रानी सिह एक वांटेड मुजरिम होती है जिसको पुलिश तलाश कार रही है विद्या सिन्हा और दुर्गा रानी सिह दोनों एक शख्त है बावजूद इसके ये अलग अलग नाम से जीवन जी रहे है यहाँ तक की पासपोर्ट भी दोनों अलग अलग नाम से है विद्या सिन्हा मीनी नामक बच्ची को अपनी बेटी बताती है जब की दुर्गा सिंह कुवारी होती है तो फिर उसके पास ये बच्ची है उसकी क्या कहानी है इसी गुत्थी को सुलझाते है पुलिस इंस्पेक्टर इंद्रजीत और विद्या सिन्हा की डायरी .. अगर दुर्गा रानी सिह की असलियत और विद्या सिन्हा और उसकी बेटी की कहानी का सस्पेंस जानना है तो आपको सिनेमा थियेटर तक जाकर ये पूरी फिल्म देखनी होगीkahaani2-1b

फिल्म की कहानी कमजोर … २०१२ मे आई कहानी की सीक्वेल कहानी २ का पहली फिल्म कहानी से कोई लेना देना नहीं है  कहानी २ की कहानी पूरी तरह से अलग है जो कि बाल योन शोषण को ध्यान मे रख कार बनाई गई है कहानी २ मे जब दुर्गा रानी सिह ६ साल कि बच्ची के साथ उसके ही चाचा के द्वारा योन शोषण होते देखती है तो अपने आप को रोक नहीं पाती है और इसके खिलाफ आवाज उठाती है और बच्ची को उसके चाचा से बचाने कि कोशिश करती है कहानी का सार असरदार होने की वजह से फिल्म इंटरवल तक दर्शको को बांधे रखती है लेकिन फिल्म इंटरवल के बाद की कहानी में दर्शको को उलझाए रखने के लिए काफी ड्रामा सस्पेंस और थ्रीलर का इस्तेमाल किया गया लेकिन आखिर मे फिल्म का सस्पेंस कमजोर होने की वजह से अपना पाजिटिव असर छोड़ने मे नाकामयाब रहती है

अभिनय .. कहानी २ मे विद्या बालन अपनी पावर परफैक्ट परफॉरमेंस मे पूरी तरह दमदार रही है विद्या बॉलीवुड मे एक ही ऐसी हीरोइन है जो अपने लुक से ज्यादा अपनी परफॉरमेंस पर ध्यान देती है शायद यही वजह है की विद्या फिल्म मे ज्यादातर बिना मेकअप के और सादे कपड़ो मे नजर आई है पूरी फिल्म मे एक भी ऐसा शॉट नही है जंहा उन्होंने खूबसूरत ड्रेस या साड़ी पहना हो अर्जुन रामपाल पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका मे नेचुरल नजर आये है खलनायक की भूमिका मे राज बब्बर किया करते थे कुल मिलाकर कहानी २ का हर कलाकार अपने किरदार के हिसाब से परफैक्ट है

डायरैक्शन .. कहानी के मुकाबले कहानी २ मे सुजाय घोष का डायरेक्शन थोड़ा कमजोर नजर आता  है खास तौर पर तब जब फिल्म कई बार धीमी गती से चलने लगती है और लोकेशन का इस्तेमाल भी बहुत कमजोर तरीके से किया गया है बावजूद इसके सुजाये घोष दर्शको को आखिर तक बांधे रखने मे कामयाब रहे है भले ही फिल्म मे सस्पेंस की खास जरुरत नही थी लेकिन सुजाय घोष ने आखिर तक सस्पेंस बनाये रखा है लेकिन अगर सुजाय घोष की पिछली फिल्म को देखे तो तीन के बाद कहानी २ उनकी एक और कमजोर फिल्म साबित हो सकती है

संगीत ..फिल्म का संगीत सामान्य है कहानी के अनुसार संगीतकार विशाल शेखर ने फिल्म के हिसाब का ही संगीत दिया है जो सामान्य है

कहानी २ क्यों देखे .. सस्पेंस ड्रामा और थ्रिलर प्रेमी ये फिल्म देखेंगे तो जरूर एन्जॉय करेंगे इसके अलावा विद्या बालन के प्रशंसको को भी कहानी २ जरूर पसंद आएगी भले ही सुजाय घोष की कहानी के बाद आई कहानी २ उनकी पहली फिल्म जिनकी दमदार नही है लेकिन विद्या बालन के परफॉरमेंस ने और फिल्म की स्क्रिप्ट ने आखिर तक दर्शको को बांधे रखा है इस हिसाब से कम से कम एक बार तो ये फिल्म देखी जा सकती है , ओवर एंड ऑल कहानी २ दर्शको को निराश नही करेगी




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *