मूवी रिव्यू सोनचिड़िया

Meet the loving, sanskari rebels of Sonchiriya in this new one minute video

मूवी रिव्यू        :     बेअसरदार है सोनचिड़िया ….

डायरेक्टर        :     अभिषेक चौबे

कलाकार         :      सुशांत सिंह राजपूत, भूमि पेडनेकर, मनोज बाजपेयी, आशुतोष राणा , रणवीर शौरी

संगीत              :      नरेन चंदावरकर बेडिट टैलर

शैली                :      एक्शन

रेटिंग               :     स्टार (3/5)

फिल्म समीक्षा  :     आरती सक्सेना , एडिटर अमित बच्चन

जिस तरह एक खूबसूरत शरीर बिना आत्मा के जिदा लाष है । ठीक उसी तरह एक खुबसूरत फिल्म बेअसर है अगर उसमे कहानी का अभाव है। अभिषेक चौबे  निर्देशित इस फिल्म सोन चिड़िया मे यही सबकुछ देखने को मिला । फिल्म की कहानी बीहड़ के जंगलो मे छिपेे डाकुओ के जीवन पर आधारित है । हालाकि इससे पहले भी कई सारी फिल्मे डाकुओ की पृश्ठभमि पर आई हैं। जिनमे कुछ काफी हिट भी हुई हैं लेकिन सोनचिड़िया मे अच्छे अभिनय अच्छे डायरेक्शन  के बावजूद डाकुओ वाली फिल्मो का वो असर देखने को नही मिला ।

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कहानी …. फिल्म की कहानी बीहड़ के डाकुओं की पुलिस की मुठभेड़ से शुरू होती है। जंहा एक पुलिस का एक जवाब मरता है तो दुसरी तरफ डाकुआ की चैकी मे भी एक एक करके मोत होती है।

फिल्म मे भूमि पेडनेकर की एंटी होती है जो अपनी नौकरानी की बेटी सोनचिड़िया जो कि 12 साल की होती है उसको अपने ही लोगो से जान  बचाकर जंगह की तरफ दौड़ती हैं जंहा पर उसको बाकी भी डांकू मिलते है। चुकि डांकू मे भी भले इंसान होते  हैं जिसके चलते सुशांत सिंह इस लड़की भूमि की मदद करते हें बाकी जंहा मनोज बाजपेयी डाकू है तो पुलिस वाले आशुतोष राणा है। पूरी कहानी मे डाकू का एक गैंग जंहा अपनी जान बचाने के लिये पुलिस से भागता फिर रहा है। वही पुलिस डाकू के पीछे भाग रही है और इसी तरह कहानी आगे बढती है।

डायरेक्शन … फिल्म का डायरेक्शन उड़ता पंजाब फेम डायरेक्टर अभिषेक चौबे ने दिया है। अगर डायरेक्शन की बात करे तो अभिषेक ने बीहड़ के जंगल डाकू पुलिस और वंहा के लोगो को बहुत अच्छे तरीके से दर्शाया है लेकिन फिल्म मे डाकू के अलावा कुछ नही है इस लिये बाकी सभी चीजो की कमी अखरती है। सबसे बड़ी प्राबलम फिल्म की कमजोर कहानी है जो अभिषेक के डायरेक्शन को भी कमजोर बनाती है।

अभिनय … अभिनय की अगर बात करे तो मनोज बाजपेयी के पास कुद करने के लिये था ही नही । सुशांत सिंह राजपूत और भूमि ने अपना अपना किरदार बखुबी निभाया है। आषुतोश राणा पुलिस इंस्पेक्टर और निगेटिव रोल मे अच्छे जच रहे है। लेकिन कहानी के अभाव के चलते सारे किरदार बेअसर नजर आते हैं।

स्ंगीत …फिल्म की कहानी के हिसाब से संगीत की खास जरूरत नही थी । फिर भी फिल्म मे संगीत लिया गया है जो अल्का फुलका है।
फिल्म देखे या ना देखे … सोनचिड़िया एक अलग प्रकार की फिल्म है जो मास के लिये जान पड़ती है आम पब्लिक के लिये नही । लिहाजा जिनको अलग तरह की प्रयोगात्मक फिल्म पंसद है तो वो सोन चिड़िया देखने जा सकते हैं।

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