मूवी रिव्यू – स्टुडेट आफ द ईयर 2 प्यार रोमांस ग्लैमर और एक्शन का तड़का

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मूवी रिव्यू :         स्टुडेट आफ द ईयर 2 प्यार रोमांस ग्लैमर और एक्शन का तड़का

डायरेक्टर :        पुनीत मल्होत्रा

कलाकार :         टाइगर श्राफ, अनन्या पांडे, तारा सुतारिया, आदित्य सील, समीर सोनी

संगीत :              विशाल शेखर , सलीम सुलेमान

शैली :                रोमांटिक , स्पोर्ट्स. एंटरटेनमेंट

रेटिंग :               स्टार (3.5/5)

फिल्म समीक्षा : आरती सक्सेना , एडिटर अमित बच्चन

करण जौहर की फिल्मे ज्यादातर एंटरटेनमेंट से भरी होती हैं जिसमे दर्शको को वो सब कुछ देखने को मिलता है जो वो अपनी असल जिंदगी मे करने की इच्छा रखते हैं । जैसे खुबसूरत लड़किया डांस मस्ती गाना बजाना डिस्को खूबसूरत लोकेशन स्टाइलिस्ट कपड़े महंगी गाड़िया रोमांस एक्शन दोस्ती प्यार आदि आदि । यही वजह है कि कई बार करण जौहर की फिल्मो मे ठीक ढंग से कहानी ना होने के बावजूद फिल्म अच्छी चल जाती है। क्योकि उनकी फिल्मे एंटरटेनमेट से भरी हुई मसाला फिल्म होती है । इसके साथ ही वो अपनी फिल्म की इतनी ज्यादा पब्लिसिटी करते हैं कि दर्शको ने सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि कम से कम एक बार तो फिल्म देखनी ही चािहये । लिहाजा इसी बात को मद्दे नजर रखते हुए करण जैाहर की एक और धमाकेदार फिल्म रिलीज हुई, जिसका नाम है स्टुडेट आफ द ईयर 2 इस फिल्म की खास हाइलाइट ये है की इस फिल्म में चंकी पांडे की बेटी अनन्या पांडे डेब्यू कर रही हैं इसके अलावा इस फिल्म मे टाइगर श्राफ अपने फुल ऐक्शन रोंमास अंदाज मे नजर आने वाले थे इसके अलावा इस फिल्म की एक और हीरोइन तारा सुतारिया भी जिनकी इस फिल्म से शुरुवात है वो भी फिल्मो मे आने से पहले ही स्टारो की तरह चर्चा मे थी । यानि की मामला कुछ ऐसा था जेसे बिना इलेक्शन लड़े ही चुनाव जीत जाना । बहरहाल फिल्म रिलीज हुई दर्शको ने पूरी उम्मीद के साथ एंट्री भी मारी । लेकिन स्टुडेट आफ द ईयर 2 ने दर्शको को उतना ज्यादा प्रभावित नही किया जितना की पहली फिल्म स्टुडेट आफ द ईयर ने किया था ।

कहानी …. फिल्म की कहानी रोहन टाइगर श्राफ के साथ शुरू होती हैं जो कि एक मध्यम वर्गीय परिवार का होनहार लड़का है और एक लड़की मिया तारा सुतारिया से बेहद प्यार करता है । मिंया अपना डांसर बनने का सपना पूरा करने मंहगे स्कूल सेट टेरेसा मे पढ़ने चली जाती है टाइगर उसका साथ पाने के चक्कर मे कबड्डी का मैच जीत कर स्पेार्टस कोटे मे इस मंहगे स्कूल सेट टेरेसा मे एडमिशन ले लेता है जंहा उसकी मुलाकात उस स्कूल के ट्रस्टी के बिगड़े हुए बच्चो मानव आदित्य सील और श्रैया अनन्या पांडे से होती है रोहन अपनी प्रेमिका के दिल मे अपनी जगह बनाने के चक्कर मे रोहन से पंगा ले लेता है और उसको कबड्डी और डांस मे हरा देता है वही श्रेया का भी अपने ईगो के चक्कर मे टाइगर से बार बार पगा होता है । फाइनली श्रैया और टाइगर मे दोस्ती हो जाती है। और इन चारो का स्टुडैट आफ द ईयर के लिये कबड्डी और डांस मे कॉम्पडीशन होता है । इसमे कोैन जीतता है कौन हारता है रोहन को अपना प्यार मिलता है कि नही । मिया और श्रेया के सपने पूरे होती है कि नही । ये सब जानने के लिये आपको स्टुडेट आफ द ईयर थियेटर तक जाकर देखना हेागा ।

डायरेक्टर …. फिल्म के डायरेक्टर पुनीत, करण जौहर की ग्लैमरस फिल्म को और ज्यादा ग्लैमरस बनाने के चक्कर मे विशय से भटक गये । कहानी अच्छी होने के बावजूद स्क्रिन प्ले और पूरा सेटअप सही तरीके से पेश ना करने के चक्कर मे फिल्म फर्स्ट हाफ मे काफी स्लो और बोरिंग लगती है। इंटरवल के बाद फिल्म की कहानी और डायरेक्शन थोडा ग्रिप पकड़ते हैं । जिसके तहत कबड्डी रोमांस फाइट एक्शन सबकुछ सेंकड हाफ मे ठूस देने की वजह से फिल्म कहा जा रही है पता ही नही चलता । डायरेक्टर अगर लोकेशन डिसाइज और ग्लैमर को हाइलाइट करने के बजाय स्क्रिप्ट पर ध्यान देते तेा यही फिल्म अच्छी बन सकती थी । लेकिन ऐसा ना होने की वजह से अच्छे डायरेक्शन के बावजूद फिल्म ढिली नजर आती है ।

अभिनय …. फिल्म के मुख्य हीरो अगर टाइगर श्राफ की बात करे तो वो हर फिल्म मे एक सा डांस एक ही प्रकार का ऐक्शन और एक ही तरह का रेामांस स्टाइल करते नजर आते है ऐसा ही उन्होंने इस फिल्म मे भी किया है । दुख की बात ये है कि होनहार हीरो टाइगर श्राफ अति मेहनती होने के बावजूद अभिनय के बजाय अपने एक्शन डांस पर ज्यादा ध्यान देते हेैं लेकिन उसमे भी ज्यादा कुछ विभिन्नता नजर नही आती । फिल्म की दोनों हीरोइने चंकी पांडे की बेटी अनन्या पांडे और तारा सुतारिया ने पहली फिल्म के हिसाब से अच्छा काम किया है । फिल्म के मुख्य आर्कशण है फिल्म के विलेन आदित्य सील । आदित्य सील ने अपनी पहली ही फिल्म मे गजब का अभिनय किया है वो एक राॅयल विलेन नजर आते हैं। साथ ही विलेन होने के बावजूद काफी हैडसम नजर आते है। फिल्म के बाकी कलाकार गुलपनाग और समीर सोनी का ज्यादा काम नही है।

संगीत … अगर सगीत की बात करे तो फिल्म का संगीत खास असर नही छोड़ता। सिर्फ एक गाना ये जवानी है दिवानी अच्छा बन पड़ा है लेकिन वो भी पुराने गाने का रिमिक्स है। पहली स्टुडेट आफ द ईयर के मुकाबले इस फिल्म के गाने उतने असरदार नजर नही आते ।

फिल्म के प्लस माइनस प्वाइंट … फिल्म के प्लस प्वाइंट फिल्म की लोकेशन सेट और कलाकारो का प्रस्तुती करण अच्छा है। विलेन आदित्य भी फिल्म के प्लस प्वाइंट हैं। एक प्लस प्वांइट और ये है की इस फिल्म मे कबड्डी को प्रमोट किया गया हे । माइनस प्वाइंट कमजोर स्क्रिप्ट , कमजोर संगीत कमजोर डायरेक्शन और कमजोर कहानी है बावजूद इसके पूरी फिल्म एंटरटेनमेट से भरपूर है जो युवा वर्ग को एक बार देखने के लिये तो जरूर प्रभावित करेगी ।




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