सेना सुप्रीमो के शानदार आगाज़ का परिचायक बना आया रे ठाकरे

thackrayमुम्बई का ताज लैंड्स एंड पूरी तरह से भगवा रंग में छा गया था और ठाकरे लैंड में तब्दील हो गया था. ऐसा लग रहा था मानो साक्षात बालासाहेब ठाकरे वहां अपनी गरिमामयी मौजूदगी दर्ज कराते हुए अपनी ऊर्जा और अपनी हिम्मत का प्रदर्शन कर रहे हैं. भगवा रंग का फेटा धारण कर मुस्कुराते चेहरों और नौ गज की साड़ी पहनीं महिलाओं की उपस्थिति, तुतारी की आवाज़ और नाशिक ढोल के जोश ने माहौल को बेहद रंगीन बना दिया था. दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच बाद में फ़्लैश मॉब ने सभी को चकित कर दिया था.

दहाड़ते शेर के आगमन का परिचायक बने गाने ‘आया रे ठाकरे’ ने न सिर्फ़ मंच मौजूद लोगों को प्रभावित किया, बल्कि पूरे देश में जैसे तहलका सा मचा दिया. सामान्य लोगों को सुपरमैन सी ताक़त प्रदान करने वाले शिवसेना सुप्रीमो बालासाहेब ठाकरे की संक्रामक ऊर्जा सभी के दिलों में प्रवेश कर गयी. इस गाने का मराठी वर्ज़न भी उतना ही प्रभावशाली है. अगला गाना ‘साहेब तू’ लोगों को बालासाहेब ठाकरे के रोमांचक सफ़र पर ले गया.

राज्यसभा सांसद और पत्रकार संजय राऊत ने इस मौके पर कहा, “जब उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे ने ‘साहेब तू’ गाने को सुना तो दोनों उतने ही भावुक हुए, जितने की दोनों ने इस गाने को एंजॉय भी किया. इस गाने की गहराई कुछ ऐसी थी कि दोनों पूरी तरह से गाने में डूब गये थे और उस वक्त हमें एक शून्य का आभास सा हुआ. गाने को सुनते वक्त दोनों ने बालासाहेब ठाकरे को उसी जज़्बे के साथ अपने सामने खड़ा पाया. जैसे जैसे ये गाना आगे बढ़ता गया, उद्धव ठाकरे की भावनाओं का वेग बढ़ता गया. इस गाने के ख़त्म होने के बाद उद्धव ठाकरे ने सबसे पहले शब्द जो कहे थे, वो थे कि इस गाने के बोल बेहद प्रभावशाली हैं.”

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने हंसते हुए बताया कि किस तरह से संजय राऊत ने शुरुआती दिनों नें इस गाने का मोबाइल पर रिकॉर्ड किया गया वर्ज़न उन्हें भेजा था. उद्धव ठाकरे ने बताया कि कैसे इस गाने से वे बेहद प्रभावित हुए ! उन्होंने कहा, “जो भी ‘आया रे ठाकरे’ को सुनेगा, वो इसकी धुनों पर झूमने पर मजबूर हो जाएगा. इस गाने के बोल बेहद गहनता लिये और अर्थपूर्ण हैं. इस गाने ने मुझे काफ़ी भावुक कर दिया था और इस गाने से मुझे बालासाहेब की मौजूदगी का एहसास भी हुआ.” वहां मौजूद लोगों ने भी उद्धव की इस बात को महसूस किया.

वायकॉम 18 स्टूडियोज़ के सीओओ अजीत अंधारे ने कहा कि मराठी सिनेमा के इतिहास में ये फ़िल्म सबसे ज़्यादा स्क्रीन्स पर दिखाई जानेवाली फ़िल्म साबित होगी. उन्होंने कहा, “हमारे लिए ‘ठाकरे’ के साथ जुड़ने की कई वजहें थीं. फ़िल्म का किरदार और विषय लाजवाब है, फ़िल्म को लेकर हमारा और संजय राऊत का नज़रिया भी एक जैसा था. इसके अलावा, ‘ठाकरे’ हमारी 75वीं हिंदी फ़िल्म और 10वीं मराठी फ़िल्म है, जो हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है. हमें बायोपिक फ़ैक्टरी के तौर पर जाना जाता है, मगर ये फ़िल्म हमारे लिए बेहद अलग किस्म की फ़िल्म है. फ़िल्म के तौर पर इसने हमें नर्वस ही नहीं किया, बल्कि एक तरह से हमें डरा दिया था क्योंकि हमपर ठाकरे की शख़्सियत के साथ पूरी तरह से न्याय करने का दारोमदार था. इसी के साथ हम फ़िल्म को लेकर काफ़ी उत्साहित भी हैं.”

कार्निवल ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत बंसी ने इस मौके पर कहा, “दुनियाभर में फ़िल्म का बेसब्री से इंतज़ार किया जा रहा है, जिसमें मीडिल ईस्ट का भी समावेश है. बेहद उत्साही नज़र आ रहे बंसी ने बताया, “बहरीन, कतर और सऊदी अरब के 200 स्क्रीन्स पर ये फ़िल्म दिखाई जाएगी, जो साल 2018 के सबसे बड़े ब्लॉकबस्टर फ़िल्मों से कहीं ज़्यादा है. चीन को छोड़कर सिंगापुर,‌ मलेशिया समेत एशिया के तमाम देशों के 500-600 स्क्रीन्स पर इस फ़िल्म का प्रदर्शन किया जाएगा.”

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की शख़्सियत को बेहतरीन ढंग से दर्शाने वाले इस गाने ‘आया रे ठाकरे’ का चित्रण देखने के बाद वो हैरत में हैं. वहीं अमृता राव ने‌ पहले दिन की शूट का किस्सा बताते हुए कहा कि सेट पर उनकी मुलाक़ात नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी से हुई थी,‌ मगर उन्होंने मुझे नहीं पहचाना. अमृता ने कहा, “नवाज़ुद्दीन बिल्कुल मेरे बगल में खड़े थे, मगर उन्होंने मुझे नहीं पहचाना क्योंकि उस वक्त मैंने 60 वर्षीय मीनाताई का अवतार लिया हुआ था.”

वहां मौजूद आदित्य ठाकरे ने सभी की भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, “फ़िल्म ठाकरे साल 2019 की सबसे बड़ी फ़िल्म है!”

‘ठाकरे’ के प्रस्तुतकर्ता हैं संजय राऊत, इसका निर्माण राऊ’तर्स एंटरटेनमेंट एलएलपी, वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स और कार्निवल‌ मोशन पिक्चर्स ने मिलकर किया है और फ़िल्म का निर्देशन किया है अभिजित फणसे ने. इस फ़िल्म का संगीत दिया है संगीतकार जोड़ी रोहन-रोहन ने तो वहीं इसके गाने के बोल (आया रे ठाकरे) लिखे हैं पद्मश्री हासिल कर चुके सुनील जोगी ने. एक अन्य गाना (साहेब तू) लिखा है मनोज यादव ने तो वहीं मंदार चोलकर ने भी एक गाना (आपने साहेब ठाकरे) लिखा है. फ़िल्म के संगीत निर्माण में सहयोग दिया है आदित्य पौडवाल ने. फ़िल्मों के अलग अलग गानों को आवाज दी हैं नक्श अजीज़ (आया रे ठाकरे), सुखविंदर सिंह (साहेब तू) और अवधूत गुप्ते (आपले साहेब ठाकरे) ने. फ़िल्म के एक बेहद ख़ास गाने ‘साहेब तू’ को कोरियोग्राफ़ किया है अहमद खान ने.




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